सोने का अंडा देने वाली मुर्गी 

मैं ग्वालियर में रहता था, तब मेरी मुलाकात एक औरत से हुई | उसकी उमर लगभग 35 से 40 साल होगी | पूरा गठीला बदन और खूबसूरत औरत थी | शुरू में हम सिर्फ फ़ोन पे ही बात करते थे | घंटो बात करने के बाद भी कभी ऐसा नहीं लगा की टाइम ज्यादा हो गया है | वो भी बहुत मज़े से बात करती थी | दिन- रात बात करने से उसे कोई दिक्कत नहीं थी | क्यूंकि वो अकेली ही रहती थी |  घंटो बातें करते-करते हम अच्छे दोस्त बन गए थे | फिर एक दिन उसने मुझे चाय पर घर बुलाया | आमने सामने बातचीत हुई | उसे भी मेरे साथ बात करके अच्छा लगा | उसके बाद मैं अक्सर ही उसके घर जाने लगा और हम एक साथ काफी वक्त गुजारने लगे | जब भी वो अकेला महसूस करती तो मुझे फ़ोन कर देती और मैं उसके घर चला जाता | और जब मैं अकेला महसूस करता तो उसे फ़ोन कर देता और वो मेरे लिए समय निकालती |

 

Beautiful Couple in love

कुछ ही समय में हम दोनों अच्छे दोस्त बन गए थे | वो हमेशा मुझसे बाते करती रहती थी | ज़्यादातर वो ही मुझे अपने घर बुलाती थी | जैसे मानो उसकी वीरान ज़िंदगी में मैं ही एक फूल खिला हूँ | फिर एक दिन अचानक हमारे बीच शारीरक संबंध भी बन गए | अगर सच बताऊ तो यह सब अचानक तो नहीं हुआ | वो औरत इसकी तयारी तब से कर रही थी जब से हम मिले थे | उसे बस यही चाहिए था | मेरे साथ शारीरक संबंध बनाकर उसे बहुत अच्छा लगा | इसिलए वो मुझे हर वार कुछ न कुछ पैसे भी दे देती थी | ताकि मैं उसे छोड़ कर न जाऊँ | मुझे और क्या चाहिए था, एक तो मुफ्त में जबरदस्त औरत के साथ मज़े करने का मौका मिलता था और ऊपर से वो मुझे पैसे भी देती थी | वो तो मेरे लिए सोने के अंडे देने वाली मुर्गी थी | जिसे सच में मैं भी खोना नहीं चाहता था | समय गुजरता गया हम दोनों खूब मज़े करते, कभी इकठे फ़िल्म देखने भी जाते और वो मुझे शॉपिंग भी करवाती | बात क्या वो मुझे हमेशा खुश रखती थी और मैं उसे | यह सभ दो साल तक चला |


Golden Egg


एक दिन जब हम संबंध बना रहे थे तो उसने कुछ नया करने की इच्छा ज़ाहिर की | मैंने उसी से पुछा की तुम ही बताओ कि नया क्या कर सकते हैं, तो उसने बताया कि उसे एक साथ दो मर्दो के साथ मज़ा करना है | यह बात सुनकर पहले तो मैं चौंक सा गया लेकिन मैंने उसे पता नहीं चलने दिया कि मुझे यह बात सुनकर कैसा लगा | फिर मैंने मन ही मन में सोचा की मैंने कोनसा इससे शादी करनी है | मेरी सोने का अंडा देने वाली मुर्गी है | मुझे वो सब करना चाहिए जो यह बोलती है | ऐसे ही मैं इसका और विश्वास जीत पाउँगा और यह मुझे ऐश करवाती रहेगी | मैंने उसे हां बोल दिया | और उससे पुछा की दूसरा मर्द कौन होगा | तो उसने कहा की तुम ही किसी मर्द को ढूंढो लेकिन धेयान रखना मर्द भरोसे वाला होना चाहिए जो मेरी यह इच्छा पूरी कर सके | 

 

अब मैं सोच में पड़ गया की ऐसा मर्द कहा से लाऊ जिसपर भरोसा भी कर सकते हैं और वो ऐसा सम्बन्ध बनाने के लिए मान भी जाए | तो मेरे दिमाग में मेरा एक दोस्त आया | मैं उससे बात की और उसे ऐसा करने के लिए मना लिया | उसे मनाने में मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई | अरे एक औरत के साथ सम्बन्ध बनाने के लिए आज के समय में कौन मना करता है |  मैं और मेरा दोस्त तह किये हुए टाइम पे उस औरत के घर चले गए | वो हम दोनों को देखकर खुश हो गयी | कुछ टाइम हम तीनो ने बातें की और उसके बाद हम तीनो सम्बन्ध बनाने लगे | हमेशा की तरह मेरा 15-20 मिनट में सब हो गया | लेकिन मेरा दोस्त अभी भी लगा हुआ था | और वह औरत खूब मज़े कर रही थी | मुझे ऐसा लगा की आज उसे कुछ अलग ही मज़ा आ रहा है जो शायद मेरे साथ करके उसे नहीं आया था | जब उन दोनों का भी हो गया तो मैं और मेरा दोस्त अपने घर वापिस आ गए |

 

अगले दिन मैंने उस औरत को फ़ोन लगाया लेकिन उसने उठाया नहीं मैंने सोचा की चलो कहीं काम में बयस्त होगी | मैं दिन भर फ़ोन करता रहा लेकिन उसने नहीं उठाया | और न ही उसने बैक कॉल की | ऐसे ही कई दिन गुजर गए | वो मुझसे फ़ोन पे बात ही नहीं कर रही थी | मैं भी सोच में पड़ गया था कि अचानक से ऐसा क्या हो गया है जो वो मुझसे बात नहीं करना चाहती | पहले तो कभी ऐसा नहीं हुआ था | वो तो एक मिनट भी मुझसे बात करे बिना नहीं रहती थी | मुझे उसकी फ़िक्र होने लगी की कहीं उसे कोई प्रॉब्लम तो नहीं हो गयी | इसीलिए मैंने उसके घर जाने का फैसला कर लिया | ताकि मुझे पता चल सके के वो ठीक है ? जब मैं उसके घर गया तो वह दिखने में तो ठीक ठाक लग रही थी | लेकिन वो मुझे वहां देखकर खुश नहीं थी शायद | वो मुझसे ठीक से बात भी नहीं कर रही थी और न ही बता रही थी की अचानक से क्या हो गया | फिर उसने मुझे वहां से जाने के लिए कहा | मैंने सोचा की शायद इसका मूड ठीक नहीं है मैं उसके घर से वापिस आ गया | लेकिन मेरे मन में लगातार यह सवाल चल रहा था की अचानक से यह सब बदल कैसे गया |


कुछ दिनों के बाद मैं ऐसे ही अपने दोस्त के साथ बैठा था | और बैठे बैठे ऐसे ही उस दिन की बात चली तो मेरे दोस्त ने मुझे कहा की धन्यवाद | मैं कहा की किस बात के लिए धन्यवाद कर रहे हो | तो उसने बताया की उस दिन तुमने मुझे उस औरत के साथ सम्बन्ध बनाने के लिए मनाया था | तो उस दिन के बाद वो मुझे हर रोज अपने घर पे बुलाती है और हम दोनों मज़ा करते हैं | वो यह बताते हुए इतना खुश हो रहा था जितना मैंने उसे आज तक कभी नहीं देखा |  उसने बताया कि वो उसे पैसे भी देती है | 

 

 मेरे दोस्त की यह सारी बातें और उसकी ख़ुशी देखकर मुझे समझ में आ गया था की वो औरत मेरे साथ बात क्यों नहीं करना चाहती क्यूंकि उसे मुझसे भी अच्छा मर्द मिल गया था | जो उसके साथ मुझसे भी ज्यादा टाइम लगाता है |

 

मेरा अपने दोस्त का उस औरत के साथ परिचय करवाना ही मेरी सबसे बड़ी भूल थी | मैं तो यह सोच रहा था की ऐसा करने से वो औरत मेरे साथ और भी गहरा सम्बन्ध बना लेगी | लेकिन मुझे यह समझ जाना चाहिए था की वो औरत मुझसे बोर हो चुकी थी अब उसे कोई नया मर्द चाहिए था जो मैंने ही उसे दे दिया और अपनी सोने का अंडा देने वाली मुर्गी को मैंने अपने ही हाथों से मार दिया जा यह कह लो की मैंने खुद ही उसे अपनी मर्जी से किसी और को सौंप दिया | यह घटना मेरी ज़िंदगी की सबसे बुरी घटना थी | इस घटना के बाद मेरी ज़िंदगी की खुशियां ही लूट गयी | अब ज़िंदगी में कभी किसी औरत पर ऐसे विस्वास नहीं करूँगा | और न भाईओ आप करना | 

 

अगर आपको मेरी यह कहानी अच्छी लगी हो और आपको इससे कुछ सिखने को मिला हो तो अपने और दोस्तों के साथ भी इसको शेयर करो ताकि वो भी ऐसे धोखे से बच सके | शायद किसी को इस कहानी से कोई फाइदा हो जाये |