शादी की एक रात पहले दुलहन ने गैर मर्द के साथ किया कारनामा |   

मैं एक फोटोग्राफर हूँ | मैं कहाँ रहता हूँ यह बात छोड़िये | मैं आपको अपना एक ऐसा किस्सा सुनाऊंगा, जो शायद आपको हैरान भी कर दे और शायद आपको मज़ा भी आए,  और यह भी हो सकता है कि आप यह कहने के लिए मजबूर हो जाएँ, "काश मैं होता इसकी जगह" | किस्सा ही इतना मज़ेदार है, कि किसी का भी ईमान डोल जाए | 

जैसे कि मैंने आप सबकी बताया कि मैं एक फोटोग्राफर हूँ | मैं हर रोज़ किसी न किसी की शादी में अपना जलवा दिखाने पहुँच जाता हूँ | मेरा मतलब अपने हुनर से लोगों की खूबसूरत तस्वीरें खींचता हूँ | असल में फोटो खींचना मेरा शौंक है मैं इस काम को सिर्फ और सिर्फ पैसों के लिए नहीं करता | लेकिन मेरा काम ही इतना ज़बरदस्त है की मुझे लोग अपनी मर्ज़ी से ही काफी सारा पैसा देता हैं, ताकि मैं उनकी फोटो और वीडियो में कोई कमी न छोड़ू | जब कोई भी मेरी द्वारा खींची हुयी फोटो देखता है तो माँ कसम फैन हो जाता है अपना | आप ऐसा मत सोचिये की मैं अपनी तारीफ खुद ही कर रहा हूँ | यह सच बात है | 

इसी बात ने ही मुझे अपनी ज़िंदगी में वो-वो चीजें अनुभव करवाई हैं, जो शायद किसी और काम को करते हुए मैं अनुभव नहीं कर सकता था | 
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तो हुआ यह की मेरे पास एक शादी में फोटोग्राफी करने का काम आ गया | यह पहला ऐसा फंक्शन था जो मेरे पास दोनों साइड से बुक हुआ था | मतलब कि मैंने लड़के और लड़की दोनों साइड से फोटो करनी थी | ऐसे फंक्शन में मेरा खर्चा कम होगा और इनकम ज्यादा होगी | तो मैंने कुछ फोटोग्राफर लड़के की तरफ भेजने के लिए हायर कर लिए और लड़की की तरफ मैंने खुद जाने का फैसला कर लिया | इस शादी में एक बात और थी वो यह की मैंने इसकी प्री-वेडिंग फोटो शूट और वीडियोशूट दोनों करना था | पार्टी ने अच्छा ख़ासा पैसा दिया था | जितना मैंने माँगा उससे भी ज्यादा | कोई मालदार पार्टी थी | उन्हें पैसों की कोई परवाह नहीं थी बस उनका काम दुनिया से हटके होना चाहिए था | इसीलिए उन्होंने मार्किट से पता करके मुझे बुक करवाया था | 

मैंने प्री-वेडिंग के लिए कुल्लू-मनाली का सेडुअल बना लिया और वो भी दो दिनों का | और पार्टी मान भी गयी | वहां जाने का और वहां रहने कर खर्चा भी पार्टी अलग से उठाने के लिए तयार थी | 

हम मनाली पहुँच गए | उन्होंने अपने और हमारे लिए same room book किये | हम एक दिन पहले ही वहां चले गए शाम तक पहुँच गए | ताकि हम और party रात को आराम कर सकें और अगले दिन सुबह अच्छे से काम कर सकें | रात को हमने अपनी कल की तयारिओं के बारे में बात की | मैंने पूरी टीम को उसका काम समझा दिया था की पहले कहाँ शॉट लेंगे और कैसे शॉट चाहिए सब कुछ | स्टोरी की पूरी स्क्रिप्ट मैंने पूरी टीम को समझा दी ताकि कल पार्टी के सामने हमें सोचना न पड़े की अब आगे क्या करना है | या जोड़े को कोनसा पोज़ करवाना है | हमने पूरी तयारी की और सो गए | 

सुबह जल्दी उठकर हमने अपने कमरे और लाइट्स त्यार कर ली और और यहाँ शूट करना था उस लोकेशन पर पहुँच गए | लड़का और लड़की दोनों आ गए थे | उनके साथ और कोई नहीं आया था | बहुत एडवांस फॅमिली थी | हमने अपना काम शुरू कर दिया | आज हमने फोटो शूट करना था | वीडियोशूट का अगले दिन का सिड्यूल था | पूरी टीम ने लाइट्स को अच्छे से फिट कर दिया और जिसने उनकों पोज बताने थे वो भी रेडी था और फोटो खेंचने के लिए मैं भी रेडी था | पहला पोज़ करवाया मैंने फोटोशूट किये | उसके बाद और भी काफी फोटो क्लिक किये अलग अलग पोज़ में फिर मैंने उनको ड्रेस बदलने के लिए भेज दिया और मैंने अपनी टीम के साथ फिर डिस्कस की | उन्हें करीब एक घंटा लगा कपडे बदलने में उसके बाद मैं फिर फोटो क्लिक करने लगा | लड़की ने इस बार वेस्ट्रन ड्रेस पहनी थी | पूरी टाइट जीन और पूरा फिट टॉप | उसकी टाइट जींस में उसकी गोल-गोल पीठ इतनी मस्त लग रही थी कि क्या बताऊँ | उसके टॉप में से ऐसा लग रहा था कि उसकी छाती पर दो हिमालय के पहाड़ हैं |

लड़का भी दिखने में अच्छा था लेकिन थोड़ा मोटा था, और ज्यादा हैंडसम नहीं था | लग रहा था की यह शादी सिर्फ़ पैसों की वजह से हो रही है | लड़की ने मुझे अपने पास बुलाया और लड़के से थोड़ा दूर लिजाकर मुझे कहा, "सुनिए, आप प्लीज मेरी अकेली की ज़्यादा से ज़्यादा  फ़ोटो क्लिक करना, इसके साथ तो बस उतनी ही करना जितनी आपने वेडिंग के दिन वहां डिस्प्ले करनी हैं | " 

उसके मुँह से यह बात सुनकर मुझे अंदाजा हो गया था कि यह शादी लड़की की मर्ज़ी से नहीं हो रही | लेकिन शादी करना उसकी मजबूरी थी | मैंने ओके बोल दिया | उसके बाद मैं जल्दी से जल्दी फोटो खींच रहा था लड़के के साथ जो-जो फोटो चाहिए थे मैंने वो क्लिक कर लिए, उसके बाद मैंने लड़की को कपडे बदलने के लिए भेज दिया और लड़के की अकेले की फोटो खेंचने लगा, आधे घंटे से जयादा लग गया लड़की को कपडे बदलने के लिए| उतना टाइम मैंने लड़के के फोटो खेंचे | शाम के 3 के आस पास का समय हो गया था | 

अब मैंने लड़के को फ्री कर दिया और बोला के आप रेस्ट करो कल बहुत काम है | लड़की की फोटो खेंचने के लिए मैं उसे पहाड़ों के थोड़ा और ऊपर ले गया | मैं जो भी फोटो क्लिक करता लड़की को दिखाता, और वो अपनी ही फोटो देखकर बहुत खुश होती | वो अकेली बहुत ही खुश लग रही थी | उसने बहुत फोटो खिंचवाई | शाम ढलने लगी, तो हमने वापिस जाने की तयारी शुरू कर दी | तो लड़की बोली, "क्या आप डिनर के बाद मुझे सारी फोटो दिखा सकते हो ?" मैंने कहा, "हां क्यों नहीं |" तो लड़की बोली, "ठीक है, आप मेरे रूम में आ जाना खाने के बाद | " मैंने ओके बोल दिया | और सारा समान पैक करके हम अपने रूम में आ गए और हमने भी रेस्ट की और लड़की और लड़के ने भी | रात हुयी हमने डिनर किया और उसके बाद मैं लैपटॉप लेकर लड़की के रूम में चला गया | वो पहले से ही मेरा इन्तजार कर रही थी | मैं थोड़ा डर सा भी रहा था, क्यूंकि ऐसे अकेले मुझे रूम में बुलाना वो भी शादी के पहले और वो तब जब साथ के रूम में उसका होने वाला पती सो रहा हो, कुछ अजीब सा लगा | मैंने जाकर उसे लैपटॉप पे फोटो दिखानी शुरू कर दी | वो अपनी हर एक फोटो को देखकर बहुत खुश हुयी | और उसने बोलै भी कि, "आप बहुत अच्छी फोटो खेंचते हो" | वो मेरे नज़दीक आ गयी और मेरे साथ थोड़ा मजाक सा भी करने लगी | हम दोनों सोफ़े पर बैठे थे और वो भी बिलकुल साथ | लड़की ने मेरी झांग पर हाथ रखा, मेरे तन-बदन में आग लग गयी, और डर तो मुझे पहले से ही लग रहा था | मैंने लड़की की तरफ देखा, उसने मेरी तरफ| मेरी साँसे तेज हो रही थी, मेरा गला भी सूख रहा था | हम दोनों ने एक दुसरे की आँखों आँखें डाली | लड़की ने एकदम से अपने होंठ मेरे होंठो से चिपका दिए, और जोर-जोर से किस करने लगी | अरे यह क्या ? मेरे मन में बवाल मच गया | क्यूंकि इस चीज की उम्मीद कोई भी नहीं कर सकता | चाहे वो कितना भी सूंदर क्यों न हो | कोई लड़की अपनी शादी से पहले किसी गैर मर्द के साथ ऐसा नहीं करती | लेकिन यह लड़की सबसे अलग थी | वो मुझे चूमती ही गयी | थोड़े टाइम के बाद मेरा औजार गर्म हो गया, और मेरे बदन में पूरी तेज रफ़्तार से खून दौड़ने लगा | मैंने भी उसे किस करना शुरू कर दिया | मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और बेड पर लेटा दिया उसने जल्दी से अपने कपडे उतार दिए और मैंने भी अपने सारे कपडे उतार दिए | अब हम दोनों बिना कपड़ों के थे | लड़की का पूरा बदन मखमल की तरह मोलायम था | गोरा-गोरा बदन, टांगो के बीच साफ़-साफ़ और गुलाबी रंग की गुफा | मैंने फिर किस करना शुरू कर दिया और उसकी छाती को मसलने लगा और अपनी जीब से मैंने खूब चोंचियों को चाटा और काटा | वो पूरे मजे में मस्त थी | उसकी आहें निकल रही थी | ऐसा लग रहा था की  वो मेरे साथ अपनी सुहागरात मना रही हो | 

फिर उसने मुझे पकड़ा बेड पर लेटने के लिए कहा मैं लेट गया | उसने अपने गोरे-गोरे हांथों से मेरा औजार पकड़ा और मुँह में भर लिया, और जोर-जोर से उसे चाटने लगी | अंदर-बाहर करने लगी | आह...उफ़ बहुत मजा आरहा रहा था | वो मेरे औजार को ऐसे चूस रही थी जैसे कोई खोये वाली कुल्फी हो | उसने खूब मज़े से मुझे मज़ा दिया | फिर एक दम से वो उठी और मेरे औज़ार के ऊपर आ कर बैठ गयी और उसने ज़ोर से झटका दिया और सारा औज़ार उसकी गुफ़ा में चला गया | आह.... ओह.... उफ्फ्फ उसकी भी आहें निकल रही थी और मेरी भी | सारा औज़ार अंदर जाते ही वो ज़ोर-ज़ोर से कूदने लगी, उछलने लगी | जब वो उछल रही थी तो उसकी चोंचियाँ ऐसे हिल रही थी कि क्या बताऊँ उन्हें काटने का मन कर रहा था | मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी चोंचियों को पकड़ लिया और दबाना शुरू कर दिया | 

जैसे-जैसे वो उछल-कूद रही थी वैसे-वैसे ही वो और मस्त होती जा रही थी | मैं भी खूब मज़ा कर रहा था | उसके बाद वो उठी और टाँगे उठा कर बेड पर लेट गयी | मैं समझ गया और मैंने अपना औज़ार उसकी गुफा में डालकर उसके ऊपर लेट् गया और इतनी ज़ोर से धक्के मारने लगा की कट-कट, गल्प-गल्प की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी | मैं जितनी ज़ोर से कर रहा था वो मुझे और ज़ोर से और ज़ोर से करने को बोल रही थी | मेरे अंदर जितना जोर था मैंने सब लगा दिया | और उसे भी मजा दिया और खुद भी पूरा मजा कर रहा था | मैं उसके ऊपर ही लेटा हुआ था | होंठों से होंठ चिपके हुए थे, गुफा में औज़ार अपना काम कर रहा था | हम सारी रात करते रहे कभी कोई स्टाइल तो कभी कोई स्टाइल | पूरी रात में मैं चार वार झड़ चूका था, वो भी शायद 2 वार झड़ चुकी थी | मैं जब भी झाड़ता तो वो मेरा औज़ार अपने मुँह में डाल लेती और तब तक चूसती जब तक के पूरा खड़ा न हो जाये | जब खड़ा हो जाता हम फिर से करने लग जाते | 

सुबह के 3 वज गए थे, अब मैं उसकी गुफा में अपना औज़ार डालकर बस उसके ऊपर लेता हुआ था | उसने मुझसे पुछा, "क्या आपकी शादी हुयी है ?" मैंने कहा, "हां" | वो बोली, "पता चल रहा है, इसिलए तो आपने सारी रात मुझको पेला वार्ना जिसने कभी चूत देखी ही न हो वो क्या मज़ा देगा | क्या आप मेरे साथ रिलेशन में आओगे ?" मैं सोच में पड़ गया उसने कहा, "फ़िक्र मत कीजिये आपकी शादी शुदा ज़िंदगी को कोई प्रॉब्लम नहीं होगी | हम महीने में दो जा तीन दिन के लिए कहीं बाहर घूमने के लिए जाया करेंगे और मज़ा करके वापिस आ जाया करेंगे | इसके इलावा मैं कभी आपको तंग नहीं करूंगी और न ही आप मुझे कभी फ़ोन करना जा मिलने आना | " मुझे उसका यह ऑफर सुनकर ख़ुशी का बहुत बड़ा झटका लगा | कोई एक शादी शुदा मर्द को ऐसा ऑफर दे सकती है क्या ? मैंने उसका ऑफर ले लिया फिर हम पूरा एक घंटा ऐसे ही बातें करते रहे | मैंने अपने बारे में उसको बताया और उसने अपने बारे में मुझको | वो बहुत ही अच्छी लड़की थी, खुले विचारों वाली लड़की | एक ऐसी लड़की जो वैसे तो किसी से नहीं डरती लेकिन आपने बाप की ज़ुबान की वजह से एक ऐसे लड़के से शादी करने जा रही थी जो उसके बिलकुल लाईक नहीं था | 


मेरे बाहों में लिपटी वो अपने आप को आनंदित महसूस कर रही थी और मैं उसके ऊपर लेता हुआ अपने आप को एक महाराजा की तरह महसूस कर रहा था |  चार वजे के करीब मैंने जाने की इच्छा ज़ाहिर की वो थोड़ी सी उदास हुयी और बोली, "काश आपको हमेशा के लिए अपने पास रोकने की मेरे पास कोई शक्ति होती | " फिर वो मुस्करायी और बोली, "कोई बात नहीं मुझे आप पर भरोसा है आप मुझे कभी नहीं छोड़ोगे | उसने अपनी इच्छा ज़ाहिर की और बोली, "मुझे आपके साथ पयार हो गया है, लेकिन इस पयार की वजह से आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होगी | बस आप मुझे छोड़ना मत | " मैंने कहा, "कभी भी नहीं छोड़ूगाँ, मुझ जैसे आदमी को आप जैसी खूबसूरत लड़की मिल गयी हो तो कौन छोड़ेगा आपको"? 

उसके बाद मैं वहां से चला आया और अगले हमने वीडियोशूट किया | वो बहुत भी आनंदित महसूस कर रही थी | उसके चेहरे पर एक अलग सी ख़ुशी थी | लेकिन हमने किसी को पता नहीं लगने दिया कि हमारे बीच रात को कुछ हुआ है | 

सारा काम निपटा कर हम वापिस आ गए | उसके बाद शादी की तारीख आ गयी | शादी के एक दिन पहले लड़की के घर लेडीज संगीत था | लेडीज संगीत पे मैंने फोटो खेंचे | हम दोनों ऐसे बीहेव कर रहे थे जैसे एक दुसरे को जानते भी न हो | लेडीज संगीत ख़तम होने के बाद उसने मुझे इशारा किया और मैं उसके कमरे में चला गया | उनका घर भी बहुत बड़ा था | एक आदमी को ढूंढ़ने के लिए काफी टाइम लग जाये | लेकिन वो अपने घरवालों की बोल कर आयी के उसे रेस्ट करनी है कोई उसे तंग न करे | अब हम दोनों साथ थे, मैं जैसे ही कमरे में गया उसने सारे कपडे उतार रखे थे, मैंने भी जल्दी से कपडे उतारे और हम फिर से मज़ा करने लगे | 11 वजे का टाइम था, हम दुनिया को भूल कर एक हो चुके थे | मैं अपने आप को इतना भागयशाली महसूस कर रहा कि मैं आपको बता नहीं सकता | शादी की एक रात पहले किसी और की दुल्हन के साथ मज़े करना कोई मज़ाक नहीं है | 

लेकिन मैं तो मज़े कर रहा था | हम सुबह तक फिर से करते रहे | उसने अपनी जवानी का सारा रस मुझे पिला दिया था | और मैं भी पूरे मज़े से बड़े-बड़े घूँट पिए जा रहा था | सुबह होने से पहले मैं वहां से आ गया | 

अगले दिन उसकी शादी हो गयी और वो अपने सुसराल चली गयी |